क्या चंद्रमा की मिट्टी से पौधा उगाया जा सकता है? इसका जवाब है हां। अमेरिका के फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोध दल ने चांद की मिट्टी से पौधा उगाने में सफलता पाई है। यह एक अभूतपूर्व सफलता है। इस प्रयोग से यह प्रमाणित हो गया है कि पृथ्वी से बाहर की मिट्टी से भी पौधा उगाई जा सकती है। इससे भविष्य में अंतरिक्ष में अन्य ग्रहों एवं उपग्रहों पर जाकर वहां की मिट्टी से पौधे उगाने या कृषि करने की संभावना को बहुत बल मिला है।

बात यह है कि सन 1969 से 1972 ईस्वी तक अमेरिका के अपोलो मिशन मैं गए अंतरिक्ष यात्री एवं शोधकर्ताओं ने चंद्रमा की सतह से कुल 382 किलोग्राम मिट्टी पृथ्वी पर सैंपल के रूप में प्रयोग करने के लिए लेकर आए थे। चंद्रमा की इस मिट्टी में धूल रेत कंकड़ चट्टान मिट्टी आदि शामिल थे।

नासा द्वारा फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की टीम को चंद्रमा की मिट्टी से प्रयोग करने के लिए प्रति पौधा केवल 1 ग्राम मिट्टी दी गई थी। मिट्टी की इतनी कम मात्रा में ही शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में इस मिट्टी में बीज बोए। इसके 2 दिनों के बाद ही बीज अंकुरित हो गए। प्रोफेसर अन्नालिसा पाॅल के अनुसार यह काफी हैरान करने वाला था। हर पौधा लगभग 6 दिनों तक एक जैसा दिखाई पड़ रहा था। परंतु बाद में धीरे धीरे पौधे कमजोर दिखने लगे और इनके विकास करने की दर धीमी थी। अंत में धीरे धीरे यह पौधे खत्म हो गए।

हालांकि यह प्रयोग बहुत कम अवधि का था एवं पौधों के मरने के साथ ही इस प्रयोग पर विराम लग गया परंतु इस प्रयोग ने मानव द्वारा अंतरिक्ष में कृषि के क्षेत्र में किए जाने वाले प्रयोगों के लिए रास्ता खोल दिया है। देखा जाए तो इस प्रयोग की सफलता ने अंतरिक्ष में बहुत सारी संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। मानव द्वारा अंतरिक्ष में अब लगातार मानव मिशन भेजा जाता है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन मैं तो हमेशा कुछ अंतरिक्ष यात्री मौजूद रहते हैं जो निरंतर नए-नए प्रयोग एवं अध्ययन करते रहते हैं । वैज्ञानिकों की पृथ्वी से बाहर अन्य ग्रहों पर भी मानव बस्ती स्थापित करने की योजना है। ऐसे में मानव अगर चंद्रमा मंगल या अन्य किसी ग्रह या उपग्रह पर मानव बस्ती स्थापित करना चाहता है तो उसे वहां स्थाई रूप से भोजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए वहीं पर कृषि कार्य कर अपने लिए भोजन सामग्री का प्रबंध करना होगा। जिसमें फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह प्रयोग 1 मील का पत्थर प्रमाणित होगा। प्रसिद्ध उद्योगपति निवेशक और स्पेस एक्स टेस्ला जैसी कंपनी के मालिक एलन मस्क का तो सपना ही मंगल पर मानव बस्ती बसाना है। यदि पृथ्वी से बाहर अंतरिक्ष में किसी अन्य ग्रह या उपग्रह पर मानव बस्ती की स्थापना करनी है तो वहां कृषि कार्य कर भोजन सामग्री जैसे फल सब्जियां अनाज आदि उपजाना ही होगा।

यह ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा 1972 ईसवी के बाद पहली बार 2025 के लिए मानव को चंद्रमा पर उतारने की योजना बना रहा है। अगर नासा चांद पर स्थाई मानव बेस बनाता है तो वहां के लिए भोजन सामग्री की व्यवस्था वहीं करनी होगी। फल सब्जियां एवं अनाज वहीं पैदा करने होंगे।

शुरुआत हो चुकी है आगे आगे देखिए होता है क्या।🙏

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